
जब किसी विदेशी ब्रांड के कारण आपके उत्पादों के स्पेयर पार्ट्स के लिए एक महीने तक इंतज़ार करना पड़ता है, तो आपके एक्वेरियम सिस्टम भी निष्क्रिय नहीं रह सकते। हम विशेष रूप से तैयार किए गए यूवी लैंप बनाते हैं, एवं उन्हें 7 दिनों में ही भेज देते हैं; हमारे पास हमेशा स्टॉक उपलब्ध रहता है, इसलिए आप उन्हें उसी दिन ही इस्तेमाल कर सकते हैं।
तकनीकी दृष्टि से महत्वपूर्ण बातें:
शैवाल नियंत्रण हेतु तरंगदैर्घ्य एवं विकिरण मात्रा महत्वपूर्ण है। हम 365 नैनोमीटर तरंगदैर्घ्य पर ही काम करते हैं – यही तरंगदैर्घ्य शैवालों के प्रजनन को रोकने में मदद करता है। लक्षित सतह पर विकिरण मात्रा ≥80 मिलीवाट/सेमी² होती है; इससे पानी में 100–200 मिलीजूल/सेमी² विकिरण मात्रा प्राप्त होती है। यह मात्रा सूक्ष्मजीवों के न्यूक्लिक एसिडों को नष्ट करने हेतु पर्याप्त है, एवं पानी का तापमान भी संचालन हेतु उचित सीमा में ही रहता है।
हम ओजोन-रहित क्वार्ट्ज स्लीव्स एवं उच्च शुद्धता वाले पारा वाष्प का उपयोग करते हैं; रिफ्लेक्टर की संरचना के कारण विकिरण किरणें सीधी ही रहती हैं। 5,000 घंटों तक भी उत्पादन मात्रा 5% से अधिक नहीं घटती।
व्यावहारिक दृष्टि से इसका लाभ:
यह एक ऐसा मॉड्यूल है जिसे सीधे ही एक्वेरियम में इस्तेमाल किया जा सकता है – इसमें IP65 रेटिंग वाला कवर, जंग-प्रतिरोधी उपकरण, एवं 100V से 240V तक की वोल्टेज सपोर्ट है। इसका आकार इतना छोटा है कि यह छोटे स्थानों में भी आसानी से इस्तेमाल किया जा सकता है; इसका कनेक्टर इंटरफेस भी सामान्य औद्योगिक उपकरणों के साथ मेल खाता है।
7 दिनों के अंदर ही यह मॉड्यूल उपलब्ध हो जाता है; इससे लंबे समय तक प्रणाली बंद रहने की समस्या नहीं होती। ऐसे में नियंत्रण बना रहता है, रखरखाव आसान हो जाता है, एवं ऊर्जा खपत भी कम रहती है।
ध्यान रखने योग्य बातें:
लैंप को स्लीव से, एवं स्लीव को रिएक्टर की प्रवाह दर के अनुरूप ही जोड़ना आवश्यक है। यदि ऐसा न हो, तो प्रभावी विकिरण मात्रा कम हो जाती है। अपने रिएक्टर की हाइड्रोलिक विशेषताओं को ध्यान में रखकर ही लैंप की दिशा निर्धारित करें, ताकि विकिरण समान रूप से फैल सके।
निरंतर उपयोग के दौरान स्लीव की सतह का तापमान 5–8°C बढ़ सकता है; इसलिए उचित ताप-विनिमय व्यवस्था आवश्यक है।